
आरांश को अपनी आँखों के सामने नंगा टहलते देख श्राविका की सांसें अटक गईं। उसका शरीर किसी तराशी हुई मूर्ति जैसा लग रहा था—साफ रंगत और परफेक्ट मसल्स। उसे देखकर श्राविका को अचानक अपनी सांवली जांघों पर मौजूद उन 'स्ट्रेच मार्क्स' और सेल्युलाईट का अहसास हुआ, जो वजन बढ़ने की वजह से रह गए थे। उसे अपनी कमियां साफ दिखने लगीं।
उसने झटपट सोफे पर बैठते हुए अपना रोब शरीर पर वापस लपेटा और उसे कसकर बांध लिया।

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